लहसुनिया (क्राइसोबेरिल कैट्स-आई)

लहसुनिया रेखीय चमक वाला क्राइसोबेरिल (BeAl2O4) है। मोह्स पैमाने पर इसकी कठोरता लगभग 8.5 है। कठोर होने पर भी पत्थर टूट सकता है, किनारे से चिप सकता है या जड़ाई के समय क्षतिग्रस्त हो सकता है। चयन में उसकी पहचान, प्राकृतिक अथवा प्रयोगशाला में निर्मित उत्पत्ति, किए गए उपचार, वजन और टिकाऊपन की जाँच करें।

लहसुनिया (क्राइसोबेरिल कैट्स-आई) का प्रतीकात्मक समीक्षा-चित्र
AI से निर्मित प्रतीकात्मक समीक्षा-चित्र; इसे सामग्री, उपचार, उत्पत्ति, संस्कार या प्रामाणिकता का प्रमाण न मानें।

मानक पहचान

Chrysoberyl Cat’s-eye (Vaidurya) · chatoyant chrysoberyl

पहचान और प्रामाणिकता

पहचान और गुणवत्ता: एक दिशा में स्थित inclusions चलती हुई आँख-जैसी रेखा बनाते हैं। quartz cat’s-eye, glass-fibre imitation, जोड़े हुए पत्थर और कृत्रिम रेखा अलग पहचानी जाए केवल रंग, कीमत, तस्वीर, seller card या साधारण handheld tester पूरी पहचान नहीं देते। मूल्यवान खरीद में स्वतंत्र और सक्षम gemmological laboratory की report लें, जिसमें species/variety, जहाँ सम्भव हो natural या laboratory-grown origin, पहचाने गए treatments, माप और वजन लिखे हों। Report केवल जाँचे गए specimen का विवरण है; वह ज्योतिषीय प्रभाव, नैतिक sourcing, mine-origin या भविष्य का मूल्य प्रमाणित नहीं करती। आकर्षक और संतुलित रूप, अच्छी cutting, उपयोग के अनुकूल टिकाऊपन तथा पूर्ण disclosure को बढ़ा-चढ़ाकर दिए trade adjectives से अधिक महत्त्व दें।

धारण या उपयोग

भारतीय नवरत्न परंपरा के उपलब्ध ऐतिहासिक विवरण में इसका संबंध केतु से मिलता है। यह वर्गीकृत पारंपरिक जानकारी है, व्यक्तिगत prescription नहीं। इसे अपनी परंपरा के अनुसार आभूषण, धार्मिक प्रतीक या पारिवारिक वस्तु के रूप में रखा या पहना जा सकता है। सुरक्षित जड़ाई और सहज आकार चुनें; पहनने से पहले prongs, छेद और धागा देखें। जन्म-कुंडली, मात्रा, उँगली, धातु, मुहूर्त और सुनिश्चित फल इस चरण से बाहर हैं। वैज्ञानिक gemmology पदार्थ के गुण और अनेक treatments पहचान सकती है; वह ग्रह-कारण, रोग-उपचार, निश्चित समृद्धि या आध्यात्मिक सिद्धि सिद्ध नहीं करती।

तैयारी और शुद्धि

पहले उपयोग से पूर्व laboratory report number सुरक्षित रखें, पत्थर और जड़ाई की तस्वीर लें तथा ढीले भाग जाँचें। अपनी परंपरा में सरल स्वच्छता या प्रार्थना की जा सकती है; उपलब्ध प्रमाण किसी एक शुद्धि-विधि को सबके लिए अनिवार्य नहीं बनाते। केवल सत्यापित material और treatment के अनुकूल हो तो गुनगुना पानी तथा हल्का, बिना सुगंध वाला soap लें; नरम organic पदार्थ, filled या assembled gems के लिए specialist से पूछें।

रखरखाव और आवश्यक सावधानी

क्या करें: मुलायम अस्तर वाले डिब्बे में अलग रखें, चोट वाले काम से पहले उतारें, invoice, disclosure और report सुरक्षित रखें तथा जड़ाई समय-समय पर जाँचें। क्या न करें: अज्ञात या treated stone को heat, steam, ultrasonic cleaning, acid, bleach या अचानक ताप-परिवर्तन न दें; scratch जैसे destructive घरेलू test न करें; अधिक वजन, ऊँची कीमत या चटकीला रंग अधिक प्रामाणिकता अथवा आध्यात्मिक प्रभाव का प्रमाण न मानें। मोती और मूँगा को विशेष रूप से हल्के सूखे या नम कपड़े से साफ करें। स्वास्थ्य के लिए चिकित्सक और पहचान-विवाद में qualified gemmologist की सहायता लें।

प्रमाण और स्रोत

आधुनिक शोध

मानक पहचान: रेखीय चमक वाला chrysoberyl। चलती हुई eye-band आवश्यक optical feature है, पर वही प्राकृतिक origin या treatment का पूर्ण प्रमाण नहीं है।

स्रोत: GIA Gem Encyclopedia · Identity and authentication · Institutional record

प्रलेखित परंपरा

लहसुनिया (क्राइसोबेरिल कैट्स-आई) रेखीय चमक वाला क्राइसोबेरिल है। भारतीय नवरत्न परंपरा में इसका उल्लेख मिलता है; पहचान और उपचार की सीमाएँ अलग रखी गई हैं।

स्रोत: GIA — Centuries of Opulence: Jewels of India · Documented tradition · Source record

आधुनिक शोध

विक्रेता प्रमाणपत्र, दावे, प्रतीकात्मक चित्र, मूल्य या बताए गए लाभ को पहचान, प्रभाव या व्यक्तिगत उपयुक्तता का प्रमाण न मानें।

स्रोत: CIBJO Blue Books — industry standards and nomenclature · Disclosure limits · Standards portal