प्रलेखित परंपराविद्वानों द्वारा तैयार एक संदर्भ-ग्रंथ गौरी-शंकर रुद्राक्ष को स्वाभाविक रूप से साथ उगे दो दानों के रूप में वर्णित करता है, जिन्हें पार्वती और शिव का संयुक्त प्रतीक माना जाता है।
स्रोत: The Illustrated Encyclopedia of Hinduism — Gauri-Shankar entry · Gauri-Shankar entry
वनस्पति-विज्ञान संदर्भइस परिचय में स्वीकृत वनस्पति नाम Elaeocarpus angustifolius Blume है; वर्तमान वर्गिकी स्रोतों में Elaeocarpus ganitrus इसका प्रलेखित पर्याय है।
स्रोत: Elaeocarpus angustifolius Blume — Plants of the World Online · Taxon record · Elaeocarpus angustifolius Blume
आधुनिक शोधआकृति-माप संबंधी शोध में प्राकृतिक छिद्र, भीतर के कक्ष, अलग-अलग कक्षों वाली गुठलियों के एक्स-रे चित्र और जुड़ी हुई गुठली का विवरण मिलता है। एक्स-रे उपयोगी प्रमाण दे सकता है, लेकिन अकेले उससे बाजार में किए जाने वाले प्रत्येक प्रामाणिकता-दावे की पुष्टि नहीं होती।
स्रोत: Morphometric Characteristics of Endocarp, Seed and Embryo of Elaeocarpus ganitrus · Results and Figures 1–4 · pp. 172–177; DOI 10.54207/bsmps2000-2021-028A3Z
शास्त्रीय स्रोतइस आधुनिक रूप-श्रेणी के लिए कोई प्राचीन, विशेष मंत्र सत्यापित नहीं हुआ; शिवपुराण 1.25 में रुद्राक्ष-साधना के साथ सामान्य पंचाक्षरी “नमः शिवाय” का उल्लेख मिलता है।
स्रोत: The Siva Purana, Part I — Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Verses 42 and 50: root/Panchakshari mantra