14 मुखी रुद्राक्ष

चौदह मुखी रुद्राक्ष में चौदह मुख्य प्राकृतिक मुख होते हैं। शिवपुराण में परम शिव और सिर पर धारण, रुद्राक्षजाबालोपनिषद् के उपलब्ध पाठ में रुद्र-नेत्र से उत्पत्ति, देवीभागवत 11.4 में शिव का शरीर/स्वरूप और सिर पर धारण और 11.7 में रुद्र-नेत्र से उत्पत्ति और ग्रंथगत आरोग्य-फल का संबंध मिलता है। इन मतों को अलग-अलग रखा गया है।

14 मुखी रुद्राक्ष का AI-निर्मित प्रतीकात्मक ज्ञानकोश चित्र
AI से निर्मित प्रतीकात्मक चित्र; प्राकृतिक दाने अलग हो सकते हैं और यह चित्र पहचान या प्रामाणिकता का प्रमाण नहीं है।

मानक पहचान

Rudraksha bead (Elaeocarpus angustifolius endocarp) · botanical fruit endocarp

पहचान और प्रामाणिकता

चौदह मुख्य प्राकृतिक रेखाएँ दोनों ध्रुवों तक लगातार जाती हुई देखें। दोनों ध्रुव और पूरा घुमाव जाँचें। तस्वीर से भीतर के कोष्ठ, प्रजाति, स्थान, दुर्लभता या पूरी प्रामाणिकता सिद्ध नहीं होती। तराशी या गहरी की गई रेखा, भराव, चिपके भाग, साँचा और छिपी मरम्मत स्वीकार न करें।

धारण या उपयोग

शिवपुराण के मंत्र-क्रम में “ॐ नमः” मिलता है। यह उस संस्करण का पाठ है। अलग स्रोतों के धारण-निर्देशों को सर्वमान्य नियम नहीं बनाया गया है; बीजमंत्र के सही उच्चारण के लिए योग्य मार्गदर्शन लें।

तैयारी और शुद्धि

स्वच्छ हाथों से जाँचें। जड़ाई को हानि न हो तो थोड़े स्वच्छ जल से शीघ्र पोंछकर छाया में पूरी तरह सुखाएँ। उपलब्ध स्रोतों में शुद्धि की कोई एक विधि सभी परंपराओं के लिए अनिवार्य नहीं मिलती।

रखरखाव और आवश्यक सावधानी

दाने को सूखा रखें और मुलायम सूखे ब्रश से साफ़ करें। डिटर्जेंट, इत्र, पॉलिश, देर तक भिगोने और अधिक तेल से बचें। तंत्रिका, रीढ़, अंतःस्रावी, रोग-उपचार, ग्रह, तीसरे नेत्र और निश्चित सुरक्षा के दावे समर्थित नहीं हैं। धार्मिक फल-वचन चिकित्सा-प्रमाण या सुनिश्चित परिणाम नहीं हैं।

प्रमाण और स्रोत

शास्त्रीय स्रोत

शिवपुराण 1.25.80 चौदह मुखी को परम शिव और सिर पर धारण से जोड़ता है।

स्रोत: The Siva Purana, Part I — Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Verse 80

शास्त्रीय स्रोत

शिवपुराण के मंत्र-क्रम में चौदह मुखी के लिए “ॐ नमः” मिलता है।

स्रोत: The Siva Purana, Part I — Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Mantra table after verse 81

आधुनिक शोध

आकृति और X-ray कुछ बनावट दिखा सकते हैं, पर उनसे अकेले प्रजाति, स्थान, दुर्लभता या आध्यात्मिक प्रभाव सिद्ध नहीं होता।

स्रोत: Morphometric Characteristics of Endocarp, Seed and Embryo of Elaeocarpus ganitrus · Results and Figures 1–4 · pp. 172–177