शिवपुराण 1.25.78 बारह मुखी को द्वादश आदित्य और सिर के केश में धारण से जोड़ता है।
स्रोत: The Siva Purana, Part I — Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Verse 78
बारह मुखी रुद्राक्ष में बारह मुख्य प्राकृतिक मुख होते हैं। शिवपुराण में द्वादश आदित्य और सिर के केश में धारण, रुद्राक्षजाबालोपनिषद् के उपलब्ध पाठ में महाविष्णु और द्वादश आदित्य, देवीभागवत 11.4 में द्वादश आदित्य और कान में धारण और 11.7 में महाविष्णु और द्वादश आदित्य का संबंध मिलता है। इन मतों को अलग-अलग रखा गया है।

Rudraksha bead (Elaeocarpus angustifolius endocarp) · botanical fruit endocarp
बारह मुख्य प्राकृतिक रेखाएँ दोनों ध्रुवों तक लगातार जाती हुई देखें। दोनों ध्रुव और पूरा घुमाव जाँचें। तस्वीर से भीतर के कोष्ठ, प्रजाति, स्थान, दुर्लभता या पूरी प्रामाणिकता सिद्ध नहीं होती। तराशी या गहरी की गई रेखा, भराव, चिपके भाग, साँचा और छिपी मरम्मत स्वीकार न करें।
शिवपुराण के मंत्र-क्रम में “ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः” मिलता है। यह उस संस्करण का पाठ है। अलग स्रोतों के धारण-निर्देशों को सर्वमान्य नियम नहीं बनाया गया है; बीजमंत्र के सही उच्चारण के लिए योग्य मार्गदर्शन लें।
स्वच्छ हाथों से जाँचें। जड़ाई को हानि न हो तो थोड़े स्वच्छ जल से शीघ्र पोंछकर छाया में पूरी तरह सुखाएँ। उपलब्ध स्रोतों में शुद्धि की कोई एक विधि सभी परंपराओं के लिए अनिवार्य नहीं मिलती।
दाने को सूखा रखें और मुलायम सूखे ब्रश से साफ़ करें। डिटर्जेंट, इत्र, पॉलिश, देर तक भिगोने और अधिक तेल से बचें। सूर्य-उपाय, अस्थि, नेत्र, हृदय, अधिकार और निश्चित स्वास्थ्य के दावे समर्थित नहीं हैं। धार्मिक फल-वचन चिकित्सा-प्रमाण या सुनिश्चित परिणाम नहीं हैं।
शिवपुराण 1.25.78 बारह मुखी को द्वादश आदित्य और सिर के केश में धारण से जोड़ता है।
स्रोत: The Siva Purana, Part I — Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Verse 78
शिवपुराण के मंत्र-क्रम में बारह मुखी के लिए “ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः” मिलता है।
स्रोत: The Siva Purana, Part I — Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Vidyesvara-samhita, Chapter 25 · Mantra table after verse 81
आकृति और X-ray कुछ बनावट दिखा सकते हैं, पर उनसे अकेले प्रजाति, स्थान, दुर्लभता या आध्यात्मिक प्रभाव सिद्ध नहीं होता।
स्रोत: Morphometric Characteristics of Endocarp, Seed and Embryo of Elaeocarpus ganitrus · Results and Figures 1–4 · pp. 172–177