विषय 2 — रुद्राक्ष के प्रकार (शास्त्र प्रमाण सहित)
🔷 शास्त्रीय आधार:
शिवपुराण (रुद्राक्ष महात्म्य, अध्याय 11) में उल्लेख है —
"रुद्राक्षाणां भवेन्मुख्यं ततोऽस्य संख्या प्रोच्यते।"
अर्थ — रुद्राक्ष की महानता उसके मुख (Rekha / Lines) की संख्या के अनुसार जानी जाती है।
🔷 मुख (रेखा) के आधार पर रुद्राक्ष के प्रकार
| मुख संख्या | प्रभाव / प्रतिनिधित्व | देवता / ऊर्जा |
| १ मुखी | अत्यंत दुर्लभ, शिवस्वरूप, ब्रह्मज्ञान | भगवान शिव |
| २ मुखी | प्रेम, विवाह, संबंध संतुलन | अर्द्धनारीश्वर |
| ३ मुखी | पाप नाश, आत्मबल, ऊर्जा | अग्निदेव |
| ४ मुखी | बुद्धि, वाणी, स्मरण शक्ति | ब्रह्मा |
| ५ मुखी | स्वास्थ्य, साधारण सुरक्षा | पंचब्रह्म / कालाग्नि रूद्र |
| ६ मुखी | क्रोध नियंत्रण, सौंदर्य, शक्ति | कार्तिकेय |
| ७ मुखी | धन, वैभव, सुख | माँ लक्ष्मी |
| ८ मुखी | विघ्न बाधा निवारण | गणेश जी |
| ९ मुखी | शक्ति, साहस, भय नाश | नवदुर्गा |
| १० मुखी | ग्रह बाधा, नजर दोष से रक्षा | भगवान विष्णु |
| ११ मुखी | तांत्रिक ऊर्जा, सुरक्षा कवच | एकादश रूद्र |
| १२ मुखी | आत्मविश्वास, सूर्य शक्ति | भगवान सूर्य |
| १३ मुखी | आकर्षण शक्ति, वशीकरण | कामदेव |
| १४ मुखी | दिव्य अंतर्ज्ञान, भविष्य दृष्टि | शिव स्वयं |
| १५ मुखी से २१ मुखी | अत्यंत Rare एवं विशेष कार्य हेतु | विशिष्ट तांत्रिक उपयोग |
🔷 अन्य प्रकार
गौरी शंकर रुद्राक्ष
दो रुद्राक्ष एक साथ प्राकृतिक रूप से जुड़े हों —
शिव-पार्वती एकता का प्रतीक
→ गृहस्थ जीवन में शांति, प्रेम और संतुलन के लिए श्रेष्ठ।
गणेश रुद्राक्ष
ऐसा रुद्राक्ष जिसके ऊपर स्वाभाविक रूप से एक सूँड़ जैसी आकृति हो —
→ विघ्न-विनाश, शुभ कार्य में सफलता।
त्रिजुटी रुद्राक्ष
तीन रुद्राक्ष एक साथ प्राकृतिक रूप से जुड़ें —
तीनों लोकों पर विजय का प्रतीक
→ अत्यंत Rare और उच्च साधना हेतु।
🔷 शास्त्रों में उल्लेख:
शिवपुराण के अनुसार —
"एकमुखं च महापुण्यं, द्विमुखं च कलत्रदम्।"
अर्थात —
१ मुखी सर्वश्रेष्ठ है और २ मुखी विवाह, दाम्पत्य सुख देने वाला है।
देवीभागवत पुराण (स्कंध ११) —
"रुद्राक्ष भूत भावनं..."
रुद्राक्ष के हर मुख का सम्बन्ध किसी देवता से है।
निष्कर्ष
रुद्राक्ष के प्रकार, उसकी मुख संख्या और उसका प्रयोग —
साधक के जीवन की आवश्यकता और उद्देश्य पर निर्भर करता है।
यह केवल पहनावा नहीं —
यह शिव द्वारा दिया गया दिव्य ऊर्जा यंत्र है।

